Kashi – a kaleidoscope of life

  हर शहर की अपनी फितरत होती है और अपना एक अलग मिज़ाज लिए होता है प्रत्‍येक शहर। संभवत: यही वजह है कि हर शहर हरेक के साथ अलग शैली में संवाद करता है। और बात जब शहरों के शहर काशी की हो तो उसकी फिज़ा में घुली अकड़, उसकी मस्‍ती, सुरूर, बेफिक्र तबीयत का…