Chardham Yatra – Retracing the footsteps of my ancestors

चार धाम यात्रा — पुरखों की ज़मीन पर अध्यात्म के सबक पहाड़ मुझे जब-तब बुलाते हैं और उनकी पुकार को अनुसना करना जब नामुमकिन हो जाता है तो मैं अपने पुरखों की ज़मीन की तरफ चल देती हूं। जाने क्यों मुझे हमेशा महसूस होता है कि वो आवाज़ किसी उस पुरखे ने लगायी है जिनकी…

Who Can Go for Kailas-Mansarovar Yatra

कौन कर सकता है कैलास-मानसरोवर यात्रा तिब्बत में खड़े कैलास पर्वत, जिसे सुमेरू या मेरू पर्वत भी कहा जाता है, के दर्शन का पहली बार ख्याल जब आया था तब मैं अठारह साल की हुई भर थी। नवभारत टाइम्स में विदेश मंत्रालय का बड़ा सा विज्ञापन छपा था जिसमें भारत और चीन सरकारों के बीच…

Computerized draw of lots for selection of Yatris for the Kailash Manasarovar Yatra – 2015

कैलास मानसरोवर 2015 यात्रा का कंप्यूटराइज़्ड ड्रॉ आज संपन्न 1330 यात्री इस यात्रा सीज़न में जाएंगे शिवधाम  नई दिल्ली, 20 अप्रैल, 2015 : पश्चिमी तिब्बत में हिंदुओं के पवित्रतम तीर्थस्थल कैलास-मानसरोवर जाने के इच्छुक तीर्थयात्रियों के भाग्य का फैसला आज यहां कंप्यूटराइज़्ड ड्रॉ से किया गया। कुल 2500 यात्रियों ने इस बार यात्रा के लिए…

Off Beat Summer Destinations in India

गर्मियों में इस बार चलें कहीं और पुराने हिल स्टेशन अब घिसे–पिटे कहलाने लगे तो नए दौर के पर्यटकों ने अपनी फितरत के हिसाब से कुछ नए स्थलों की तलाश की है। युवाओं के कदम कुछ नई मंजिलों की तरफ बढ़ चले हैं। ऐसे ही कुछ नए, आॅफबीट समर डेस्टिनेशंस यानी गर्मियों में नए पसंदीदा…

Nirvana at the highest spiritual place on the planet!

शिवधाम की राह हुई आसान Kailash Manasarovar Yatra 2015 To apply online, go to: http://www.mea.gov.in Applications – Entire application process has been made online only. Paper applications will NOT be accepted. Last date to apply online: 10 April, 2015 Eligibility – 18 yrs – 70 yrs/ Indian Passport holder Yatra period – Between 08 June and 09 September (Old route –…

Go wild, explore wildlife!

सर्दियों की आहट है जंगलों के बंद कपाट खुलने की चाभी! मानसून सिमटने के बाद अक्टूबर-नवंबर तक आते-आते जंगलों में बहार देखने लायक होती है। हरियाली अपने शबाब पर होती है, पेड़ों की शाखें बारिश से धुलने के बाद इतराने लगती हैं और पूरे जंगल में जिंदगी एक बार फिर नए सिरे से करवट लेती दिखती…

Nanda Rajjaat Yatra – Himalayan Odyssey

नंदादेवी राजजात यात्रा – आस्था का उत्सव आराध्या से पुत्री बनी मां नंदा की मायके से विदाई का सांस्कृतिक जलसा असहाय निर्भयाओं के युग में उत्तराखंड में बेटी के प्रति लाड़-प्यार की बरसों पुरानी सामूहिक परंपरा – नंदादेवी राजजात यात्रा इस मायने में सुकून पहुंचाती है कि समाज में आज भी बहुत कुछ ऐसा बचा…

My Journey to Shiva’s Abode – Kailas Mansarovar (Part I)

Photo Essay on Kailash-Mansarovar Pilgrimage तिब्बत में कैलास मानसरोवर हमारा मुकाम है, बीच के पड़ाव कोई मायने तो नहीं रखते लेकिन अंतिम मंजिल तक पहुंचने की कड़ियां उनसे ही बुननी है। पिथौरागढ़ के धारचूला में तवाघाट पर धौली और काली के उफनते संगम को पार कर पांगला पहुंचाया है जीप ने। यहां से आगे का…

Knowing a place by its smell, fragrance, feel and sound

  लैंसडाउन में वो नवंबर की महक आज भी याद है। वाकया पूरे 25 बरस पुराना है। यों ही, हां, बस यों ही लैंसडाउन की सड़क पर बढ़ चले थे हम। रोडवेज़ की खटारा बस की उस अदद सवारी को भी भूली नहीं हूं। पूरे दो घंटे का वो सफर, पहाड़ों पर गोल—गोल घूमते हुए,…

the homecoming!

 मैं बहुत दिनों बाद इतरायी थी उस रोज़ .. क्या आपको घर के सपने आते हैं? मुझे अक्सर आते हैं, पुराने—पुराने घरों के, बहुत पुराने, नामालूम वो कबकी यादें होती हैं जो सपनों में घुसपैठ कर जाती हैं और फिर मुझे उन घरों में ले जाती हैं जिन्हें चेतन कभी का भुला चुका होता है।…