Off Beat Summer Destinations in India

गर्मियों में इस बार चलें कहीं और पुराने हिल स्टेशन अब घिसे–पिटे कहलाने लगे तो नए दौर के पर्यटकों ने अपनी फितरत के हिसाब से कुछ नए स्थलों की तलाश की है। युवाओं के कदम कुछ नई मंजिलों की तरफ बढ़ चले हैं। ऐसे ही कुछ नए, आॅफबीट समर डेस्टिनेशंस यानी गर्मियों में नए पसंदीदा…

Himalayan Writings to conspire with the traveler in you!

This mountain of books has shaped the mountain girl in me in all these years .. ट्रैकिंग या पर्वतारोहण के असली शौकीनों को मालूम है कि उनके शौकीन की कीमत क्या होती है! ट्रैकिंग गीयर की खरीदारी से लेकर ट्रैक आॅपरेटर तक को चुनने, बुकिंग और फिर असली सफर पर निकलने तक जाने कितनी तैयारियों…

My Journey to Shiva’s Abode – Kailas Mansarovar (Part III *)

लिपुलेख (16730 फुट) की चढ़ाई नाभिढांग (13,926 फुट) कैंप से सवेरे 3 बजे चल दिए हैं हम, बाहर निकलते ही हल्की चढ़ाई पार कर त्रिलोक अपने घोड़े के साथ हमारे इंतज़ार में खड़ा दिख गया। बिना सोचे-विचारे घोड़े की पीठ पर सवार हो गई हूं, दूसरे यात्री भी ऐसा ही कर रहे थे या कर…

My Journey to Shiva’s Abode – Kailas Mansarovar (Part II*)

Gunji (10,370 feet) to Nabhidhang (13,980 feet) via Kalapani (11,800 feet)  गुंजी पर ही कुटी नदी कालापानी से आ रही काली से आकर मिलती है। कुटी आदि कैलास से आ रही है और काली के झगीले पानी में समाने के बाद दोनों अब आगे की राह बढ़ती हैं। इसी कुटी पर बने झूला पुल को पार कर हमें अपने कैंप…

My Journey to Shiva’s Abode – Kailas Mansarovar (Part I)

Photo Essay on Kailash-Mansarovar Pilgrimage तिब्बत में कैलास मानसरोवर हमारा मुकाम है, बीच के पड़ाव कोई मायने तो नहीं रखते लेकिन अंतिम मंजिल तक पहुंचने की कड़ियां उनसे ही बुननी है। पिथौरागढ़ के धारचूला में तवाघाट पर धौली और काली के उफनते संगम को पार कर पांगला पहुंचाया है जीप ने। यहां से आगे का…

Traffic woes – even Everest is not spared!

एवरेस्‍ट पर जुड़ने लगा है सैलानियों का मेला   एक समय था कि एवरेस्‍ट फतह करने पर लोग इतिहास में नाम दर्ज कराया करते थे। आज स्थिति यह है कि एवरेस्‍ट पर चढ़ने पर आप हद-से-हद आंकड़ों में शुमार हो सकते हैं। इस साल पंद्रह साल के किशोर से लेकर अस्‍सी साल के वृद्ध ने और…

kashmir – paradise reclaimed!

कश्‍मीर के सफर को जन्‍नती सफर का दर्जा मिलता आया है, लेकिन हैरत तो देखिए कि इधर हम जवान हुए, इस जन्‍नत को देखने के काबिल बने तो इसने अपने दरवाजे बाहरी लोगों के लिए बंद कर लिए। पूरे बाइस साल मैंने इस सफर पर निकलने का ख्‍वाब अपनी आंखों में सजाए रखा, कश्‍मीर ने…

Siachen trek – Once in a life time opportunity

31 अगस्त, 2011 जिन्दगी जो भी आपकी तरफ उछाले, बस उसे लपककर झोली में ले लो, अवसरों को अक्सर दोबारा एक ही दहलीज़ पर आकर दस्तक देने की आदत नहीं होती! मानसरोवर का अरमान पिछले दस सालों से मन के किसी कोने में छिपा रखा है, लेकिन उसकी जगह इस साल सियाचिन का बर्फानी विस्तार…

Siachen

दुनिया के सबसे खूबसूरत हिमनदों में से एक है सियाचिन! पिछले 27 सालों से यह दुनिया की सबसे ऊंची, सबसे खर्चीली और सबसे ठंडी रणभूमि का दर्जा हासिल कर चुका है। बेशक, 2003 से भारत-पाकिस्तान ने इस युद्ध के मोर्चे पर युद्धविराम घोषित किया हुआ है, लेकिन दुश्‍मन की छाया इस ग्‍लेशियर की सफेदी पर…