Khajuraho – Beyond Erotic

खजुराहो – भारतीय सभ्यता का प्रेम गान खजुराहो में अब वक्त सरकता नहीं है, लगता है जैसे चंदेल राजाओं के जमाने से ही दिन और रात यहां बस यूं ही टिके हैं, वहीं रुके हैं जहां पत्थरों पर छैनी की अंतिम चोट पड़ी थी। इन पत्थरों में शिल्प की बुलंदियां दिखायी देती हैं और साथ…