Thinking of travelling Solo? Go ahead …

महफूज़ होती हूं अनजानी राहों पर .. औली से जोशीमठ पहुंची थी एकदम अकेली। बिल्कुल सुनसान राहों पर, एक अनजान ड्राइवर के साथ पूरे पैंतालीस मिनट के सफर के बाद एकदम महफूज़ थी। और एक राज़ की बात कहूं, मेरे पर्स में पैपर स्प्रे भी नहीं था। सच कहूं, कभी नहीं रखती, कभी जरूरत भी…

Exploring the world while rediscovering your freedom !

महिला घुमक्‍कड़ों को मनचाही मंजिलों की सैर कराते टूरिज्‍़म क्‍लब यूरोप की अनेक अकेली महिलाओं को हमने भारतभर में सैर करते देखा है। ऐसे में हम भारतीय महिलाओं के मन में भी घूमने की तमन्‍ना जागती है। मन करता है कि कंधे पर बैग टांग कर किसी मंजिल की ओर चल पड़ें। किसी झरने से…