How to spend next two weeks in the capital #Delhi

चलो मिल आएं अपनों से, अपने ही शहर में दूर-दराज के आसमान टटोलने वाले हम सफरबाज़ों को कभी-कभी खुद अपने पंख कतर लेने चाहिए, और निकल पड़ना चाहिए अपने ही आंगन में यहां-वहां जमा अफसानों को टटोलने, नज़ारों को देखने और इसी बहाने अपने आप से मिलने। कितना अलग अहसास होता है न वो जब…

Kashmir during Ramzan is special

कश्मीर में एक मौसम रमज़ान का भी होता है माह-ए-रमज़ान हो और कश्मीर की याद न आए, ऐसा मुमकिन नहीं। ज़बरवान पहाड़ी पर उस दिन का सूरज अपनी आखिरी लौ समेटने में जुटा था और दूर एक कोने में नमाज़ियों की कतार उमड़ रही थी। डल पर हौले-हौले बढ़ रही हमारी किश्ती एकाएक रुक गई…