Chasing architectural marvels of Chandelas in Bundekhand

कलिंजर के कालजयी किले में हम सुबह-शाम खजुराहो मंदिरों के मंडपों-महामंडपों को जाने कितनी बार लांघ चुके थे। हर बार पिछली दफा देखा मंदिर फिर-फिर नया लगने लगता था। चौंसठयोगिनी में सवेरे की हल्की धूप के उस पार से झांकता कंदारिया महादेव का मंदिर फिर ललचा रहा था तो दिन ढले सूरज की आखिरी किरणों…

kashmir – paradise reclaimed!

कश्‍मीर के सफर को जन्‍नती सफर का दर्जा मिलता आया है, लेकिन हैरत तो देखिए कि इधर हम जवान हुए, इस जन्‍नत को देखने के काबिल बने तो इसने अपने दरवाजे बाहरी लोगों के लिए बंद कर लिए। पूरे बाइस साल मैंने इस सफर पर निकलने का ख्‍वाब अपनी आंखों में सजाए रखा, कश्‍मीर ने…