When Kathmandu was buzzing with life!

दरबार स्क्वायर पर जैसे जादुई संसार फैला था। यहां से वहां तक मंदिरों की भीड़ थी और अचरज की बात थी कि ज्यादातर मंदिर बंद थे। साल में सिर्फ एक रोज़ किसी खास अवसर पर खुलने वाले उन मंदिरों के बंद दरवाज़ों को देखकर लौटा लाए कदम।

amitabha nunnery where girls live beyond barriers !

        चीनी कहावत है ’’दस हजार पोथियों से बेहतर है दस हजार कदमों का सफर” (Walking ten thousand miles of the world is better than reading ten thousand scrolls.) और यही इस दास्तान-ए-घुमक्कड़ी की प्रेरणा भी है। हालांकि मुझे नहीं लगता था कि इस बार इतनी जल्दी सफर पर निकल पाऊंगी, नागालैंड…