Dholavira – Harappan heritage in Gujarat धौलावीरा में सुनें बीते युग की आहट

समंदर का कलरव और रेगिस्तान का मौन हमें अपने आपसे मिलवाता है और इसी अहसास को साक्षात् अनुभव करने के लिए गुजरात के रन में चले आइये। कच्छ के रन में सुदूर क्षितिज तक फैली नमकीन सफेदी के बीच उग आए बेट (रेतीली जमीन पर टीलेनुमा ऊंचे इलाके) अतीत में अगर सभ्यता के पालने रहे…

Kutch – a Surreal world!

कच्छ के आकाश में तनी होती है चांद सितारों की चादर और नीचे सफेद नमकीन रेगिस्तानी पटल पर उभरता है झिलमिल नगरी का अक्स। अदभुत! अकल्पनीय!! भारत के जिस छोर पर जाकर सूरज दिनभर की थकान के बाद अपने बिस्तर पर लेटने की तैयारी करता है, वहां दूर-दूर तक नमक का रेगिस्तान पसरा है और…

Rann Utsav – a Picture Essay!

गुजरात के सफर में बिग बी आपके साथ होते हैं, वर्चुअली ! रन उत्सव के लिए सजी-धजी खड़ी धोरडो टैंट सिटी की ओर बढ़ते हुए यह अहसास लगातार साथ बना रहता है। कभी ड्राइवर रावजीभाय के मुंह से तो कभी राह चलते राहगीर से रास्ता पूछने के लिए रुकने-रुकाने के क्रम में ’बच्चन साहब का…

Shades of Spiritual Tourism! ख्‍वाजा के दरबार में हाजिरी

अजमेर तक का रास्‍ता नापना कभी भी मुश्किल नहीं लगता। अलबत्‍ता, उस शहर की गलियों को छोड़कर लौटते हुए मन ने हमेशा कहा है कि फिर बुलाना, जल्‍दी बुलाना। इंसानी फितरत है दुआ करना, वो पूरी कितनी होती है, किसकी होती है, पता नहीं . . . लेकिन फिर भी आदतन हम दुआ करते हैं।…