Thinking of travelling Solo? Go ahead …

महफूज़ होती हूं अनजानी राहों पर .. औली से जोशीमठ पहुंची थी एकदम अकेली। बिल्कुल सुनसान राहों पर, एक अनजान ड्राइवर के साथ पूरे पैंतालीस मिनट के सफर के बाद एकदम महफूज़ थी। और एक राज़ की बात कहूं, मेरे पर्स में पैपर स्प्रे भी नहीं था। सच कहूं, कभी नहीं रखती, कभी जरूरत भी…