An encounter with Zoroastrianism, my journey in Parsi-land

रीतियों—रिवायतों के गलियारों में सफर  मई की उस दोपहर जनपथ पर लगी प्रदर्शनी के एक-एक सैक्शन, फ्रेम दर फ्रेम, प्रतिकृतियों (replicas) के सामने से गुजरते हुए मैं उस धर्म और उसकी स्थापनाओं से पहली बार रूबरू हो रही थी जो ईसाईयत से करीब डेढ़ हजार साल पहले और इस्लाम की जड़ों के फूटने से लगभग…

The White Rann and my nomadic quest

Come closer to your past  ‘’Are you a history buff? Or a researcher? Or a history teacher?’’ ‘’None.’’ My reply to the Gujarat Tourism manager handling bookings for one of the remotest resorts in the country was simple but expressions on his face suggested he was not convinced. Then why are you going to that…

Peeling back the layers of a city’s past #Delhi6

मुज़फ्फर जंग के बहाने विरासत से रूबरू होने की दास्तान  “Any society ignorant of its past is in danger of misunderstanding the present” – Daniel Snowman इतिहास के झरोखों से झांकते हुए, ढहती दीवारों, चटकती मीनारों या रेत होते खंडहरों को टांपते हुए मुझे हमेशा महसूस हुआ है कि मैं यहीं की हूं। स्कूल में…

When my journey to the border town of #Amritsar led me to the most famous stone in the history of humanity!

कोहिनूर कभी रखा था अमृतसर में महफूज़ !  पंजाब आने वाले सैलानियों को जल्द ही उस तोशाखाने को देखने का मौका मिलेगा जिसकी दीवारों ने कभी दुनिया के सबसे कीमती कोहिनूर हीरे को महफूज़ रखा था! अमृतसर शहर के दक्षिण-पश्चिम में छावनी की दीवारों से सटकर खड़े करीब ढाई सौ साल पुराने गोबिंदगढ़ किले में…