An ode to 20th century intrepid English travel writer Penelope Chetwode

खनाग में घुमंतु पेनेलपी चेटवुड की दुनिया जलोड़ी जोत पर बर्फ के रोमांस ने हमें लंबा उलझा लिया था। सरेउलसर झील और रघुपुर किले की तरफ जाने वाली राह भी सफेदी में गुम हो चुकी थी। लंबे, घने चीड़ों को चीरकर जंगल से एक घुमावदार रास्ता उतरान और चढ़ाई के खेल खेलता हुआ करीब 2…

Glimpses of Himalayan heritage by train

Book Review – “The Kangra Valley Train” by Niyogi Books ‘द कांगड़ा वैली ट्रेन’  लेखिका — प्रेमला घोष | प्रकाशन — नियोगी बुक्स | कीमत — 795/रु | श्रेणी — यात्रा लेखन | पन्ने – 135 जो असल वाली यात्राएं नहीं करते या नहीं कर सकते वो भी ‘आर्मचेयर’ यात्री तो बन ही सकते हैं। और अगर उनके लिए…

Kalpa at 2758 m is a tiny fairy land

कल्पा में आपके कमरे से नज़ारा अगर ऐसा हो तो? पहले तो मन ललचाएगा अखरोट तोड़ने का, चाहे वो अभी कच्चे सही? और उस लालच से उबर गए तो सामने हाथ बढ़ाकर किन्नर कैलास रेंज को छू आने का! कुछ भी नहीं कर सके तो पूरी शाम बस एकटक उन बर्फीले पहाड़ों को देखने में…

On the most treacherous road journey in the world

दुनिया की दुर्गमतम सड़क से मौत के दर्रे का सफर   समुद्रतल से बयालीस सौ मीटर ऊंची झील की परिक्रमा करते हुए कैसे—कैसे ख्याल मन के एक कोने से दूसरे कोने हो लेते हैं और साल के आठ महीने बर्फ की दीवारों में कैद दर्रों को लांघते हुए कैसी परीक्षा देता है आपका जिस्म, इसे…

Towards the soaring land and passes of Trans Himalaya – a journey to Lahaul & Spiti

 किन्नौर के परीलोक से कुंजुम—रोहतांग के खौफनाक मंज़र तक! दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सड़क यात्राओं में शुमार है शिमला से किन्नौर—स्पीति—लाहुल होते हुए रोहतांग दर्रे के उस पार बसे मनाली तक का सफर। अब सर्वश्रेष्ठ के मायने कुछ भी हो सकते हैं, मगर मैं साफ कर दूं कि मेरे लिए यह आज तक का सबसे ज्यादा…

The mystery behind Rohtang, the corpse strewn pass in the Himalayas

संसार के उस पार का संसार  कुल्लू कभी ‘कुलूत’ था यानी सभ्यता का अंतिम पड़ाव और मान लिया गया था कि उसके आगे संसार खत्म हुआ जाता है। और वो जो बर्फ की खोह में बसता था लाहुल—स्पीति का संसार, अलंघ्य और अविजित रोहतांग दर्रे के उस पार उसका क्या? वो हमारे—आपके साधारण संसार से…

Off Beat Summer Destinations in India

गर्मियों में इस बार चलें कहीं और पुराने हिल स्टेशन अब घिसे–पिटे कहलाने लगे तो नए दौर के पर्यटकों ने अपनी फितरत के हिसाब से कुछ नए स्थलों की तलाश की है। युवाओं के कदम कुछ नई मंजिलों की तरफ बढ़ चले हैं। ऐसे ही कुछ नए, आॅफबीट समर डेस्टिनेशंस यानी गर्मियों में नए पसंदीदा…

Dharamsala – On the footsteps of Buddha, In Dalai Lama’s abode

धर्मशाला – जहां गढ़ा जा सकता है पर्यटन का नया मुहावरा! धर्मशाला का रोमांस शुरू होने से पहले ही जैसे छिटक रहा था ! मन उलझन में था, जाऊं या न जाऊं, जब दलाई लामा ही नहीं वहां तो कैसा सफर …. दरअसल, इधर हमने धर्मशाला की राह पकड़ी और उधर तिब्बती धर्मगुरु लेह में…