It’s pouring travel in monsoon

सावन की अलबेली गलियां जेठ का महीना लगते ही हमने उस साल अरब सागर से उठती मानसूनी भाप को मुट्ठियों में जमा करने का इंतज़ाम कर लिया था। अल्टीन्हो का सरकारी गैस्ट हाउस एक हफ्ते के लिए हमारा था। मडगांव से पंजिम तक के सफर की वो रात कोई साधारण रात नहीं थी। बादल जैसे…

Festivals across India in June 2016

ट्रैवल न सही, तो ट्रैवल जैसा कुछ हो जाए जून का महीना उत्तर भारत में सिर्फ दो उद्देश्यों से आता है — तराई से मैदानों के बाज़ारों में उतरकर आए इफरात आम-लीची का जी-भरकर भोग लगाने या फिर गर्मियों को कोसते हुए मानसून का इंतज़ार करने की खातिर। पहला काम हमने कर डाला है और…