When Kathmandu was buzzing with life!

दरबार स्क्वायर पर जैसे जादुई संसार फैला था। यहां से वहां तक मंदिरों की भीड़ थी और अचरज की बात थी कि ज्यादातर मंदिर बंद थे। साल में सिर्फ एक रोज़ किसी खास अवसर पर खुलने वाले उन मंदिरों के बंद दरवाज़ों को देखकर लौटा लाए कदम।

Rann Utsav – a Picture Essay!

गुजरात के सफर में बिग बी आपके साथ होते हैं, वर्चुअली ! रन उत्सव के लिए सजी-धजी खड़ी धोरडो टैंट सिटी की ओर बढ़ते हुए यह अहसास लगातार साथ बना रहता है। कभी ड्राइवर रावजीभाय के मुंह से तो कभी राह चलते राहगीर से रास्ता पूछने के लिए रुकने-रुकाने के क्रम में ’बच्चन साहब का…