Haveli Dharampura – tête-à-tête with heritage in the by lanes of Old Delhi

बीते वक़्त की एक मिसाल – हवेली धरमपुरा शहरों को अक्सर आदत होती है सब कुछ निगल जाने की, और नया भूगोल बनाते हुए सबसे पहले वो अपना अतीत निगलते हैं। लेकिन कुछ ईंटे पुरानी बची रह जाती हैं, कुछ गलियां संभाल ली जाती हैं और कुछ पुराने आंगन भी वक़्त रहते या तो बचा लिए…

How to spend next two weeks in the capital #Delhi

चलो मिल आएं अपनों से, अपने ही शहर में दूर-दराज के आसमान टटोलने वाले हम सफरबाज़ों को कभी-कभी खुद अपने पंख कतर लेने चाहिए, और निकल पड़ना चाहिए अपने ही आंगन में यहां-वहां जमा अफसानों को टटोलने, नज़ारों को देखने और इसी बहाने अपने आप से मिलने। कितना अलग अहसास होता है न वो जब…

Festivals across India in June 2016

ट्रैवल न सही, तो ट्रैवल जैसा कुछ हो जाए जून का महीना उत्तर भारत में सिर्फ दो उद्देश्यों से आता है — तराई से मैदानों के बाज़ारों में उतरकर आए इफरात आम-लीची का जी-भरकर भोग लगाने या फिर गर्मियों को कोसते हुए मानसून का इंतज़ार करने की खातिर। पहला काम हमने कर डाला है और…

Thinking of travelling Solo? Go ahead …

महफूज़ होती हूं अनजानी राहों पर .. औली से जोशीमठ पहुंची थी एकदम अकेली। बिल्कुल सुनसान राहों पर, एक अनजान ड्राइवर के साथ पूरे पैंतालीस मिनट के सफर के बाद एकदम महफूज़ थी। और एक राज़ की बात कहूं, मेरे पर्स में पैपर स्प्रे भी नहीं था। सच कहूं, कभी नहीं रखती, कभी जरूरत भी…