Hobnobbing with the tribals of Bastar*

जगदलपुर में लोहांडीगुड़ा के इस हाट बाज़ार में ख्वाहिशों के कैसे-कैसे रंग देखे। हाट बाज़ार में अपने खेतों की उपज बेचने 50- 60 किलोमीटर दूर-दूर के देहातों से चले आते हैं ये आदिवासी। और बदले में गुड़, साबुन, तेल, गहने की खरीदारी में पूरी कमाई उड़ाकर लौट जाते हैं। सादगी की बानगी तो देखिए, मेरे…

where to travel in 2015

2015 ला रहा है कुछ हटकर, कुछ खास सैरगाह   बीतते साल के साथ एक बात जो जाते-जाते खुश करती गई वो यह कि 2015 में कई लंबे वीकेंड मिलने जा रहे हैं और उन लोगों के लिए यह खबर वाकई खास है जो घरों के सुकून को छोड़कर दूर किसी मंजिल को तलाशने का…

Where the Lords’s holy presence echoes! A journey to the birthplace of Saint Vallabhacharya, founder of Vallabha sect

Champaranya, the birthplace of Saint Vallabhacharya, founder of Vallabh sect  (Nearest Railhead / airport – Raipur, Chhattisgarh, distance – 50 kms) महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण्य राजधानी छत्तीसगढ़ से 50 कि.मी. दक्षिण पूर्व और त्रिवेणी संगम राजिम से 15 कि.मी. उत्तर पूर्व में महानदी के तट पर आज भी इस महान संत की गाथाओं को…

Bastar – potpourri of tribal heritage बस्तर के बियाबानों में

बस्तर में उस गहराती शाम के सन्नाटे का रोमांच आज भी ताज़ादम है। कांगेर वैली नेशनल पार्क में तीरथगढ़ जलप्रपात को देखकर अकेली लौट रही थी। सर्पीले मोड़ काटती सड़क पर भूले भटके एक वनवासी धनुष-बाण लिए जाता दिखा, उससे आंखे चार हुई, मुस्कुराहटों का आदान-प्रदान हुआ और मैं अपनी राह, वो अपनी … जुबानें…

Following Buddha in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मैंने खुद को एलिस इन वंडरलैंड की तरह महसूस किया। रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाईअड्डे पर उतरते ही पहला झटका लगा, इतना आधुनिक, चकाचैंध वाला एयरपोर्ट और वो भी छत्तीसगढ़ में! उड़ान उतरने के महज 5 मिनट के भीतर मैं अपने हल्के-फुल्के बैगेज के साथ एयरपोर्ट की आखिरी हद को अलविदा कह रही थी…

Chhattisgarh – celebration of art and Culture छत्तीसगढ़ – लीक से हटकर पर्यटन

बर्तोलिन ने एक दफा कहा था, जो सहज उपलब्ध है, वही बिकता है। शायद यही वजह रही होगी कि गोवा, मुंबई, राजस्थान जैसे ठौर—ठिकाने ट्रैवल जगत का हिस्सा कभी का बन चुके हैं जबकि सुदूर में सजी पूर्वोत्तर राज्यों की मणियां हों या लद्दाख का दुर्गम इलाका अथवा छत्तीसगढ़ जैसा ट्राइबल आबादी की पारंपरिक सुगंध…