Ayodhya – then and now

अयोध्या में 30 घंटे अयोध्या का जिक्र इससे पहले मेरी यात्राओं में कभी नहीं हुआ है। अयोध्या के नाम ही के साथ जो भारी-सा परिप्रेक्ष्य जुड़ गया है, बिन जाने, बिन देखे ही जो सैंकड़ों किस्म की धारणाएं बन गई हैं, या देखने-जानने के बाद जो समझ पैदा हो गई है, विवाद खड़े हो गए…

How travelling with mom taught me the secrets of slow travel

सीनियर सिटीज़न पेरेंट्स के संग सफर वाकई है आसान  मैं भूल जाती हूं अपने एजेंडा, अपनी दौड़-भाग वाला पर्यटन, अपनी रफ्तार, अपनी हजारों ख्वाहिशें … मां के साथ सफर का मतलब है, मां, उनकी मंज़िल और मर्जी भी उनकी। बारिश मेरे लिए रोमांस है और उनके लिए कीचड़! पूरे एक सौ अस्सी डिग्री का फर्क…