Chambal beckons the real traveller in you

चंबल की घाटियां बुला रही हैं तुम्हें!   जनवरी की उस दोपहर चंबल की वीरानी को तोड़ने के लिए जाने कहां-कहां से दौड़ती-भागती कार-जीपें और हर आकार-रंग की एसयूवी गुबार उड़ाती हुई एक-दूसरे को पीछे छोड़ने में जुटी थी। मिट्टी के टीलों से घिरी सड़कों पर एक से एक रंगीन कारों का कारवां कहीं फर्राटा…