So, are you passionate about literature, don’t go to #JLF

How my annual literary pilgrimage failed me बीते तीन रोज़ में जितने भी दोस्तों से बातें हुईं सभी को मुगालता रहा कि डिग्गी पैलेस में सजी किसी महफिल में हूं। और नहीं तो जयपुर की मिर्ज़ा इस्माइल रोड पर कचौड़ी-लस्सी का नाश्ता नोश फरमा रही हूं। या फिर आमेर फोर्ट में सजी किसी संगीत की…

My longest cashless journey in times of demonetisation

How I traversed 3000 kilometers with Rs 80 in my wallet and hope in my heart ”मैडम परवाह नहीं, आप बोलो किधर जाने का है? मैं टैक्सी दूंगा आपको … परवाह नहीं” ”हंपी जाना है… मगर पैसे नहीं है …..  कार्ड लोगे?” “मैडम, जब लौटोगे शाम को तो कार्ड दे देना, दोस्त का पेट्रोल पंप…

Muziris – a voyage into history

लहरों पर विरासत का सफर  ‘गॉड्स ओन कंट्री’ का दम भरने वाले केरल के पर्यटन नक्शे पर कुछ नई रेखाएं तेज़ी से उभर रही हैं। इस नई इबारत की जड़ें अतीत के उन ज़र्द पन्नों तक खिंची चली जाती हैं जहां ईसा से आठ-नौ सौ साल पूर्व में मालाबार तट पर किलोल कर रहा ऐसा…

Welcome to the land of festivals, get soaked in cultural extravaganza around India

घूमना बेवजह हर किसी को नहीं भाता। कोई एक अदद मंजिल, उस मंज़िल तक पहुंचने के लिए उम्दा बहाने का सहारा हो तो घुमक्कड़ी को जैसे सहारा मिल जाता है। आप भी इसी श्रेणी के सैलानी हैं तो बस कमर कस लीजिए क्योंकि अगले कुछ महीने मौसम की शय आपको बार-बार ऐसे बहाने थमाएगी। आइये…

Ayodhya – then and now

अयोध्या में 30 घंटे अयोध्या का जिक्र इससे पहले मेरी यात्राओं में कभी नहीं हुआ है। अयोध्या के नाम ही के साथ जो भारी-सा परिप्रेक्ष्य जुड़ गया है, बिन जाने, बिन देखे ही जो सैंकड़ों किस्म की धारणाएं बन गई हैं, या देखने-जानने के बाद जो समझ पैदा हो गई है, विवाद खड़े हो गए…

Discovering the other side of ‘Bombay’

बेचैन शहर के सीने में सुकून की लकीरों को पकड़ना फोर्ट से बांद्रा के होली फैमिली अस्पताल तक काली-पीली टैक्सी की सवारी तय की। बारिश से नहायी, भीगती-भागती सड़कों पर टैक्सी दौड़ रही थी, मैंने आजू-बाजू की खिड़कियां खोल रखी थीं .. ताकि फोर्ट की गोदी में भरे पानी की भाप ने जिन बूंदों का…

India’s rich biodiversity hotspots are inviting, where are you?

भारत के नेशनल पार्क  आज मैं आपको ले चलती हूं कुछ प्रमुख नेशनल पार्कों की तरफ जहां वाइल्डलाइफ प्रेमी होने के नाते जाने का बहाना जरूर निकालना चाहिए: 1. जिम काॅर्बेट नेशनल पार्क – यह प्रोजेक्ट टाइगर रिज़र्व तथा भारत का पहला नेशनल पार्क है। 1936 में हेली नेशनल पार्क के तौर पर स्थापित  कॉर्बेट…