Chardham Yatra – Retracing the footsteps of my ancestors

चार धाम यात्रा — पुरखों की ज़मीन पर अध्यात्म के सबक पहाड़ मुझे जब-तब बुलाते हैं और उनकी पुकार को अनुसना करना जब नामुमकिन हो जाता है तो मैं अपने पुरखों की ज़मीन की तरफ चल देती हूं। जाने क्यों मुझे हमेशा महसूस होता है कि वो आवाज़ किसी उस पुरखे ने लगायी है जिनकी…

3 Days in the jungles of Asia’s first national Park

हम, तुम और कार्पेट साहब कॉर्बेट नेशनल पार्क के ज्यादा लोकप्रिय टूरिस्ट ज़ोन्स झिरना या ढिकाला से गुजरने की जिस जिद को लेकर हम घरों से निकले थे वो भी हमारे रेसोर्ट के गाइड से कुछ पलों की बातचीत के बाद कभी की काफूर हो चुकी थी। अगले दिन सवेरे पांच बजे पार्क के सीताबनी…

Who Can Go for Kailas-Mansarovar Yatra

कौन कर सकता है कैलास-मानसरोवर यात्रा तिब्बत में खड़े कैलास पर्वत, जिसे सुमेरू या मेरू पर्वत भी कहा जाता है, के दर्शन का पहली बार ख्याल जब आया था तब मैं अठारह साल की हुई भर थी। नवभारत टाइम्स में विदेश मंत्रालय का बड़ा सा विज्ञापन छपा था जिसमें भारत और चीन सरकारों के बीच…

learning to ski amidst oaks and Deodars of Auli

गढ़वाल हिमालय में एडवेंचर की पाठशाला चारधाम की राह पर चलते हुए एडवेंचर के सबक! पड़ गए न आप भी मेरी ही तरह हैरत में! मुमकिन है ये भी … गढ़वाल हिमालय में सुदूर औली तक आना होगा, जोशीमठ वो अंतिम पड़ाव है जहां से दो रास्ते अलग हो जाते हैं, एक बदरीनाथ यानी परम…

Askot Aarakot Abhiyan 2014 – Glimpses of journey through Uttarkashi

Team AAA 2014 in and around Uttarkashi (Uttrakhand) 27 June to 01 July 2014 एक जुनून की साक्षी बनी ​बीते पखवाड़े और महसूस किया कि हर पैदल अभियान सिर्फ पैरों की खलिश नहीं होता! अपने लोगों को जानने और पहचानने के लिए तीन जोड़ी कदम 1974 में उत्तराखंड के दूर—दराज के गांवों की तरफ बढ़…

Knowing a place by its smell, fragrance, feel and sound

  लैंसडाउन में वो नवंबर की महक आज भी याद है। वाकया पूरे 25 बरस पुराना है। यों ही, हां, बस यों ही लैंसडाउन की सड़क पर बढ़ चले थे हम। रोडवेज़ की खटारा बस की उस अदद सवारी को भी भूली नहीं हूं। पूरे दो घंटे का वो सफर, पहाड़ों पर गोल—गोल घूमते हुए,…

Nanda Devi Raj Jat 2014

नंदा देवी राजजात यात्रा 2014 (18 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2014) अनजान रास्‍तों का अबूझ सफर कहते हैं वास्‍तविक यात्राएं वही होती हैं जिनके ओर-छोर टूरिस्‍ट मानचित्रों पर कहीं दिखायी नहीं देते और असली ट्रैवलर भी वही है जो रटी-रटायी लीक पर चलने के बजाय किसी नए, अनजान, अनूठे और आश्‍चर्य में डाल देने वाली सड़कों…

Askot to Aarakot Abhiyan – traversing through Himalayas

अस्कोट-आराकोट अभियान 2014  पहाड़ का जीवंत इतिहास लिखती एक महायात्रा यह ठीक दस साल पहले की बात है। 2004 की यात्रा का एक पड़ाव था जौनसार-भाबर में कुलटाओं का गांव। पूरब से पश्चिम  तक अस्कोट-आराकोट यात्रा के सदस्य अपने कंधों पर लगातार भारी अहसास करा रहे बैकपैक, बस्ते, पानी की बोतलें उतारकर एक तरफ रख चुके…

the homecoming!

 मैं बहुत दिनों बाद इतरायी थी उस रोज़ .. क्या आपको घर के सपने आते हैं? मुझे अक्सर आते हैं, पुराने—पुराने घरों के, बहुत पुराने, नामालूम वो कबकी यादें होती हैं जो सपनों में घुसपैठ कर जाती हैं और फिर मुझे उन घरों में ले जाती हैं जिन्हें चेतन कभी का भुला चुका होता है।…

Mountains have myths and mysteries to share!

Askot-Aarakot Abhiyan 2014 पहाड़ का जीवंत इतिहास लिखती एक महायात्रा हुड़का की थाप के साथ थिरकने के अलावा उत्तराखंडी जनजातीय समाज की व्यथा-कथा भी कहती हैं हर दशक की पदचाप पहाड़ों के मिथकों की थाह पाने से लेकर सामाजिक तड़प की पड़ताल का अभियान है पहाड़ (PAHAR – http://pahar.org/) संस्था द्वारा दस साल में एक बार आयोजित…