Chasing architectural marvels of Chandelas in Bundekhand

कलिंजर के कालजयी किले में हम सुबह-शाम खजुराहो मंदिरों के मंडपों-महामंडपों को जाने कितनी बार लांघ चुके थे। हर बार पिछली दफा देखा मंदिर फिर-फिर नया लगने लगता था। चौंसठयोगिनी में सवेरे की हल्की धूप के उस पार से झांकता कंदारिया महादेव का मंदिर फिर ललचा रहा था तो दिन ढले सूरज की आखिरी किरणों…

Agra – Beyond Taj

चंबल की घाटियां बुला रही हैं तुम्हें! आगरा कार रैली (31 jan – 01 Feb 2015) से उत्साहित तो थी लेकिन रैली का रूट चंबल की उन बदनाम घाटियों से होकर गुजरेगा जो कभी डाकुओं की बंदूकों और फिरौतियों के चलते थर्राया करती थी, यह मेरी कल्पना में दूर-दूर तक नहीं था। और पहली बार…