Discovering the other side of ‘Bombay’

बेचैन शहर के सीने में सुकून की लकीरों को पकड़ना फोर्ट से बांद्रा के होली फैमिली अस्पताल तक काली-पीली टैक्सी की सवारी तय की। बारिश से नहायी, भीगती-भागती सड़कों पर टैक्सी दौड़ रही थी, मैंने आजू-बाजू की खिड़कियां खोल रखी थीं .. ताकि फोर्ट की गोदी में भरे पानी की भाप ने जिन बूंदों का…