Caravan Tourism – exploring the world on four wheels

कैरावैन में सिमट आयी है चलती-फिरती दुनिया ज़रा कल्पना करें अगला वैकेशन ऐसा हो जिसमें अपनी मर्जी से किसी कुदरती नज़ारे को देर तलक देखते चले जाने के लिए आप अपना चलता-फिरता घर किसी नदी-झील के किनारे रोक सकें। चट्टानों की काया पर उग आयी घास-पत्तियों को सहलाते हुए, किसी झरने के पानी में पैर…

Chasing architectural marvels of Chandelas in Bundekhand

कलिंजर के कालजयी किले में हम सुबह-शाम खजुराहो मंदिरों के मंडपों-महामंडपों को जाने कितनी बार लांघ चुके थे। हर बार पिछली दफा देखा मंदिर फिर-फिर नया लगने लगता था। चौंसठयोगिनी में सवेरे की हल्की धूप के उस पार से झांकता कंदारिया महादेव का मंदिर फिर ललचा रहा था तो दिन ढले सूरज की आखिरी किरणों…

where stones are waiting to stun you #Bhojpur #Shiva Temple

एक अधूरे मंदिर की दास्तान दोपहर बाद भोपाल के बड़ा तालाब की हदों को पीछे छोड़कर हमारी कार रायसेन जिले की गोहरगंज तहसील में दाखिल हो चुकी थी। होशंगाबाद रोड पर भोपाल से यही कोई 30-32 किलोमीटर की दूरी पर था यह भोजेश्वर मंदिर यानी वास्तुशिल्प का वो अद्भुत नमूना जो अपने अधूरेपन की वजह से…

Bhimbetka – a journey into past as part of My #Solo campaign #WorldHeritageIndia_365days

भीमबेटका — ऐतिहासिक काल की एलबम   उन गुफाओं में शायद हजारों साल का उल्लास, सुख—दु:ख, उत्तेजनाएं, रोमांच, और जीवन-प्रवाह कैद है। इतिहासकारों के लिए वो केवल गुफाएं हो सकती हैं जिनकी दीवारों-छतों पर दर्ज भित्ती चित्र बीते काल के बोलते अक्षरों की तरह हैं। लेकिन किसी घुमक्कड़ के लिए ये महज़ गुफाएं और उनकी…