An ode to 20th century intrepid English travel writer Penelope Chetwode

खनाग में घुमंतु पेनेलपी चेटवुड की दुनिया जलोड़ी जोत पर बर्फ के रोमांस ने हमें लंबा उलझा लिया था। सरेउलसर झील और रघुपुर किले की तरफ जाने वाली राह भी सफेदी में गुम हो चुकी थी। लंबे, घने चीड़ों को चीरकर जंगल से एक घुमावदार रास्ता उतरान और चढ़ाई के खेल खेलता हुआ करीब 2…

Kalpa at 2758 m is a tiny fairy land

कल्पा में आपके कमरे से नज़ारा अगर ऐसा हो तो? पहले तो मन ललचाएगा अखरोट तोड़ने का, चाहे वो अभी कच्चे सही? और उस लालच से उबर गए तो सामने हाथ बढ़ाकर किन्नर कैलास रेंज को छू आने का! कुछ भी नहीं कर सके तो पूरी शाम बस एकटक उन बर्फीले पहाड़ों को देखने में…

On the most treacherous road journey in the world

दुनिया की दुर्गमतम सड़क से मौत के दर्रे का सफर   समुद्रतल से बयालीस सौ मीटर ऊंची झील की परिक्रमा करते हुए कैसे—कैसे ख्याल मन के एक कोने से दूसरे कोने हो लेते हैं और साल के आठ महीने बर्फ की दीवारों में कैद दर्रों को लांघते हुए कैसी परीक्षा देता है आपका जिस्म, इसे…

Towards the soaring land and passes of Trans Himalaya – a journey to Lahaul & Spiti

 किन्नौर के परीलोक से कुंजुम—रोहतांग के खौफनाक मंज़र तक! दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सड़क यात्राओं में शुमार है शिमला से किन्नौर—स्पीति—लाहुल होते हुए रोहतांग दर्रे के उस पार बसे मनाली तक का सफर। अब सर्वश्रेष्ठ के मायने कुछ भी हो सकते हैं, मगर मैं साफ कर दूं कि मेरे लिए यह आज तक का सबसे ज्यादा…

The mystery behind Rohtang, the corpse strewn pass in the Himalayas

संसार के उस पार का संसार  कुल्लू कभी ‘कुलूत’ था यानी सभ्यता का अंतिम पड़ाव और मान लिया गया था कि उसके आगे संसार खत्म हुआ जाता है। और वो जो बर्फ की खोह में बसता था लाहुल—स्पीति का संसार, अलंघ्य और अविजित रोहतांग दर्रे के उस पार उसका क्या? वो हमारे—आपके साधारण संसार से…

Why Spitian village Langza at more than 4400m is a part of my permanent memory

काज़ा (https://en.wikipedia.org/wiki/Kaza,_Himachal_Pradesh) से 14 किलोमीटर दूर लांग्ज़ा गांव की ढलानों पर छोटे बच्चों ने मुझे घेर लिया था। उन नन्हें हाथों में शालिग्राम ठुंसे थे जिन्हें वो औने-पौने दाम में पर्यटकों को बेचते रहते हैं। भूविज्ञान (Geology) में ये जीवाश्म (Fossils) हैं और आस्था ने उन्हें विष्णु के प्रतीक बना दिया है। खरीदूं या न…