3 Days in the jungles of Asia’s first national Park

हम, तुम और कार्पेट साहब कॉर्बेट नेशनल पार्क के ज्यादा लोकप्रिय टूरिस्ट ज़ोन्स झिरना या ढिकाला से गुजरने की जिस जिद को लेकर हम घरों से निकले थे वो भी हमारे रेसोर्ट के गाइड से कुछ पलों की बातचीत के बाद कभी की काफूर हो चुकी थी। अगले दिन सवेरे पांच बजे पार्क के सीताबनी…

Go wild, explore wildlife!

सर्दियों की आहट है जंगलों के बंद कपाट खुलने की चाभी! मानसून सिमटने के बाद अक्टूबर-नवंबर तक आते-आते जंगलों में बहार देखने लायक होती है। हरियाली अपने शबाब पर होती है, पेड़ों की शाखें बारिश से धुलने के बाद इतराने लगती हैं और पूरे जंगल में जिंदगी एक बार फिर नए सिरे से करवट लेती दिखती…

Regulation of pilgrimage in Himalayas – Truly Himalayan task

सफर में रहने का सिलसिला जारी है और देश के दूर-दराज के ठिकाने मेरी ‘बकेट लिस्‍ट’ को लगातार बड़ी और भारी बना रहे हैं। इस साल के शुरू प्रयाग में महाकुंभ में डुबकी क्‍या लगायी जैसे आस्‍था का साल शुरू हुआ। अगले दो महीने में ही कैलास मानसरोवर का बुलावा हाथ में आ गया। भारत…

a day’s trip to potter’s village .. where dreams are made of clay!

इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल ………… वो करीब साढ़े तीन दशक पहले सूखे और गरीबी से आजिज़ आकर अलवर (राजस्‍थान) में अपने घरों को छोड़कर अनजान मंजिल की तरफ बढ़ चले थे। उनके काफिलों में उनकी औरतों, बच्‍चों, कुछ बर्तन-भांडों, कपड़ों-लत्‍तों के सिवाय जो एक बड़ी चीज़ शामिल थी वो था उनका हुनर।…